Monday, November 08, 2010

एक गुज़ारिश

देखता हूं तुम्हे...
आंखों के कोने से... एक नज़र चुरा के
देखता हूं तुम्हे...
बातों ही बातों में ना जाने किस बात पर मुस्कुराते
देखता हूं तुम्हे...
चाय क प्याला लिये...ख्यालों में खोते हुए
देखता हूं तुम्हे...
इस खिडकी पर खडे...आसमां से बतियाते
देखता हूं तुम्हे...
इस दरवाज़े से आते जाते
देखता हूं तुम्हे...
इस घर को सजाते

एक गुज़ारिश उस खुदा से
अब लौट आओ तुम
देखता हूं तुम्हे...खोजता हूं तुम्हे
इन तन्हाइयों में..

Friday, October 29, 2010

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आज हूं तैयार मैं मरने के लिये
आखरी जाम
बिछडता साथ
टूटते ख्वाब
अंधेरी ये रात
आज हूं तैयार मैं...

आज हूं तैयार मैं मरने के लिये
एक धडकन
एक चहरा
एक चाहत
ये सवेरा
आज हूं तैयार मैं ...

Friday, April 23, 2010

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तितलियों के पंखों से निकले रंग
लगे हैं मेरी हथेली पर
महुए की महक में लगता है
होली मैं भी खेला हूं ज़रा ज़रा

घडी के घूमते कांटों की आवाज़
गूंज रही है इस घर में
उस खुली खिडकी से आती ठंडी हवा
कर रही है बेचैन मुझे
कभी इस करवट कभी उस करवट
सोया हूं मैं ज़रा ज़रा

बारिश जो हुई कल रात
रिस रही है दिल में आज
एक तस्वीर को लगा सीने से
भीगा हूं मैं भी ज़रा ज़रा...
... ज़रा ज़रा
तेरे इंतज़ार में
... ज़रा ज़रा
तेरे प्यार में

Tuesday, March 23, 2010

Hearts

I smile at her...sometimes she smiles back...
I whistle a song...she hums it all day..
Her eyes lit up...when caught stealing a glance...
Two scared hearts...afraid to take another chance...

She teases me...sometimes I fight back...
I write about her...she reads it all...
Walking on moon-lit sand...her hand brushes mine...
Two hands...waiting to...
...wanting to hold each other..
Two crazy hearts...finally falling for each other...