Wednesday, September 21, 2011

अहसास


झलक से तेरी जागती हैं सोती पलकें
ज़ुल्फ़ों में तेरी खोता ये बावरा दिल
मुस्कान से तेरी बढती बेकरारी
ज़िक्र से ही तेरे...एक अहसास है तेरा...
अहसास है तेरा...हर लम्हे में
अहसास है तेरा...हर सांस में..

1 comment:

Creation said...

After so long... so long. :)