Friday, April 27, 2012

रंग


हाथ यूं ही जो थामा तुमने
कुछ गुलाबी सी हो गयी है शाम आज
देखो बदल रहा है रंग पूनम का चांद आज
सीने पर रख कर सर..सुनती हूं धडकन तुम्हारी
गालों पर चढ रहा है रंग लाल तेरे नाम का

आज तुम जो हो मेरे साथ...
नहीं दिखता वो पूनम का चांद...
नूर-ए-चश्म से ही रोशन है ये रात
बेताब ये दिल...करे ऐसी सुबह क इन्तज़ार
हर धडकन पर करे यही फ़रियाद
तेरे नैनों से रंग दे...रंग दे मेरा हर नीला आसमां


इसके एक रंग में मिला एक रंग मेरा भी
ओ रंगरेज़! बना एक रंग ऐसा भी..
कुछ अलग सा रंग....कुछ नया सा रंग
होगा वो अनदेखा सा रंग...एक अनसुना सा रंग
रंग हमारे इश्क का...रंग हमारे प्यार का