Monday, January 19, 2015

लाल

लाल
ये रंग है तुम्हारा
पूरब के सूरज सा लाल
किताबों में दबे गुलाब का लाल
माथे पर लगा लाल
मांग में भरा लाल
सर को ढांके चुनर का लाल

लाल
ये रंग मुझ पर भी चढने सा लगा है
मेरा दिल कुछ और लाल धडकने लगा है

लाल
ये रंग है तुम्हारा
पूरब के सूरज सा लाल...

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