Wednesday, February 18, 2015

ज़िन्दगी है खूबसूरत

ज़िन्दगी है खूबसूरत...जो इस करवट हो तुम

ज़िन्दगी है खूबसूरत...जो तुम बैठी हो पास में
एक हाथ पकडे मेरी बाहें..लगता की तुम मेरे साथ हो
एक हाथ थामे मेर हाथ...लगता की मैं तुम्हारे साथ हूं

ज़िन्दगी है खूबसूरत...जो उस आइने में हो तुम
घुंघराले बालों को संवारती
मुझे उन बडी बडी आंखों से डांटती

ज़िन्दगी है खूबसूरत
तुम्हरा अहसास है हर लम्हा
तुम्हारा है हर लम्हा

ज़िन्दगी है खूबसूरत
ज़िन्दगी में हो तुम
ज़िन्दगी बन रहे हो तुम

ज़िन्दगी है खूबसूरत...जो इस करवट हो तुम

Tuesday, February 17, 2015

देनवा

आज शाम बितायी देनवा के किनारे
दो प्याला चाय और चंद नमकीन बिस्कुट के साथ
पश्चिम में ढलता सूरज
भर गया सिन्दूरी मांग देनवा की
वो पंछीयों का झुंड और वो नाव लौट रहे हैं अपने घर
और इन पेडों के पीछे से आती रोशनी मे आस है एक नये दिन की
नये सूरज के साथ...पूर्वी के साथ
एक शाम और यहीं देनवा के किनारे...