Sunday, March 19, 2017

मैं

मैं
मैं हवा भी हूँ...बहने तो दो
मैं पानी भी हूँ...सींचने तो दो
मैं आग भी हूँ...तपने तो दो
मैं धरती भी हूँ...उगने तो दो
मैं आकाश भी हूँ...उड़ने तो दो

मैं...
स्त्री...पुरुष?
धर्म...जात?

मैं इन्सां भी हूँ...इन्सा गर समझो
मैं इन्सां भी हूँ...थोड़ा जीने तो दो!

No comments: